विस्तृत उत्तर
पूजा के बाद की विधि धर्म सिंधु में वर्णित है:
पूजा समापन का क्रम
1क्षमा प्रार्थना
> 'आवाहनं न जानामि, न जानामि विसर्जनम्।
> पूजां चैव न जानामि, क्षम्यतां परमेश्वर।।'
— हे परमेश्वर, मुझे आवाहन, विसर्जन, पूजा का उचित ज्ञान नहीं — क्षमा करें।
2प्रदक्षिणा
तीन बार या एक बार — दक्षिणावर्त (clockwise) परिक्रमा।
3साष्टांग प्रणाम
आठ अंगों से प्रणाम — दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती, सिर।
4प्रसाद ग्रहण
दाएं हाथ से, श्रद्धापूर्वक।
5चरणामृत
दाहिनी हथेली में लेकर पीएं।
6मंदिर की सफाई
बासी फूल हटाएं, दीपक बंद करें।
7ध्यान
कुछ क्षण शांत बैठकर भगवान का ध्यान करें।
8कार्य में जाएं
जो काम करो, भगवान का स्मरण रखते हुए करो' — यही पूजा का फल।





