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पूजा विधि📜 धर्म सिंधु — पूजा समापन विधि, नित्यकर्म पूजा प्रकाश1 मिनट पठन

पूजा के बाद क्या करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा के बाद: क्षमा प्रार्थना ('आवाहनं न जानामि...'), प्रदक्षिणा, साष्टांग प्रणाम, प्रसाद ग्रहण, चरणामृत। कुछ क्षण शांत बैठें। फिर दैनिक कार्य — भगवान का स्मरण बनाए रखें। बासी फूल हटाएं, मंदिर व्यवस्थित करें।

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विस्तृत उत्तर

पूजा के बाद की विधि धर्म सिंधु में वर्णित है:

पूजा समापन का क्रम

1क्षमा प्रार्थना

> 'आवाहनं न जानामि, न जानामि विसर्जनम्।

> पूजां चैव न जानामि, क्षम्यतां परमेश्वर।।'

— हे परमेश्वर, मुझे आवाहन, विसर्जन, पूजा का उचित ज्ञान नहीं — क्षमा करें।

2प्रदक्षिणा

तीन बार या एक बार — दक्षिणावर्त (clockwise) परिक्रमा।

3साष्टांग प्रणाम

आठ अंगों से प्रणाम — दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती, सिर।

4प्रसाद ग्रहण

दाएं हाथ से, श्रद्धापूर्वक।

5चरणामृत

दाहिनी हथेली में लेकर पीएं।

6मंदिर की सफाई

बासी फूल हटाएं, दीपक बंद करें।

7ध्यान

कुछ क्षण शांत बैठकर भगवान का ध्यान करें।

8कार्य में जाएं

जो काम करो, भगवान का स्मरण रखते हुए करो' — यही पूजा का फल।
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शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु — पूजा समापन विधि, नित्यकर्म पूजा प्रकाश
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