विस्तृत उत्तर
भैरव को वैसे तो उग्र देवता में गिना जाता है, किंतु बटुक रूप अत्यंत सौम्य (अति सौम्य) माना जाता है और भक्तों पर त्वरित कृपा करता है।
कई साधक काल भैरव जैसे भैरव के उग्र स्वरूपों की उपासना को वाममार्ग से संबंधित मानकर या उनकी तीव्रता से भयभीत होकर साधना से विमुख हो जाते हैं।
हालांकि, बटुक भैरव का स्वरूप दयानिधि है और उनका 'आपदुद्धारणाय' बीज मंत्र यह सुनिश्चित करता है कि साधक को केवल सुरक्षा (अभय) और सौख्य की प्राप्ति हो।




