विस्तृत उत्तर
भैरव का शाब्दिक अर्थ है 'भय को हरने या जीतने वाला'।
भैरव को वैसे तो उग्र देवता में गिना जाता है, किंतु बटुक रूप अत्यंत सौम्य माना जाता है और भक्तों पर त्वरित कृपा करता है।
बटुक भैरव का 'आपदुद्धारणाय' (संकट निवारण) बीज मंत्र यह सुनिश्चित करता है कि साधक को केवल सुरक्षा (अभय) और सौख्य की प्राप्ति हो।





