विस्तृत उत्तर
शिव पुराण में भगवान शिव ने स्वयं 'भैरव' नाम की गूढ़ व्याख्या प्रस्तुत की है।
शास्त्रानुसार, 'भैरव' नाम का वास्तविक अर्थ है भरण-पोषण करने वाला। जैसा कि कहा गया है: 'भरणाद भैरव स्मृत'।
इस व्याख्या के अनुसार, भैरव केवल संहारक नहीं, बल्कि सृष्टि के संरक्षक, पोषक और विघ्नों के दमनकर्ता हैं।
यह भरण-पोषण का कार्य ही भैरव को स्वास्थ्य और जीवन का दाता बनाता है।




