विस्तृत उत्तर
भैरव मंत्रों का वर्णन भैरव तंत्र और रुद्रयामल तंत्र में मिलता है:
1काल भैरव मूल मंत्र (सर्वाधिक प्रचलित)
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।
— सभी बाधाओं से रक्षा।
2काल भैरव बीज मंत्र (सरल, नित्य जप)
ॐ काल भैरवाय नमः।
3बटुक भैरव मंत्र
ॐ ह्रौं ह्रीं ह्रूं बटुकाय आपदुद्धारणाय बटुकाय ह्रौं।
— संकट निवारण।
4आनंद भैरव मंत्र
ॐ हं हंसः शिवाय नमः।
— मानसिक शांति।
5काशी भैरव
ॐ क्षीं काशीनाथाय विश्वनाथाय काल भैरवाय नमः।
मंत्र फल
आपदुद्धारण' = आपदाओं का उद्धार। भैरव — काशी के क्षेत्रपाल। शत्रु नाश, भय निवारण, सुरक्षा।
जप: शनिवार/अमावस्या रात्रि — 1008 जप। नित्य — 108 जप।





