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भैरव मंत्र📜 भैरव तंत्र, रुद्रयामल तंत्र, काल भैरव अष्टकम्1 मिनट पठन

भैरव मंत्र क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

भैरव मंत्र: मूल — 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।' सरल — 'ॐ काल भैरवाय नमः।' बटुक — 'ॐ ह्रौं ह्रीं ह्रूं बटुकाय...।' नित्य 108, विशेष 1008 जप। फल: आपदाओं से रक्षा, शत्रु नाश।

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विस्तृत उत्तर

भैरव मंत्रों का वर्णन भैरव तंत्र और रुद्रयामल तंत्र में मिलता है:

1काल भैरव मूल मंत्र (सर्वाधिक प्रचलित)

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।

— सभी बाधाओं से रक्षा।

2काल भैरव बीज मंत्र (सरल, नित्य जप)

ॐ काल भैरवाय नमः।

3बटुक भैरव मंत्र

ॐ ह्रौं ह्रीं ह्रूं बटुकाय आपदुद्धारणाय बटुकाय ह्रौं।

— संकट निवारण।

4आनंद भैरव मंत्र

ॐ हं हंसः शिवाय नमः।

— मानसिक शांति।

5काशी भैरव

ॐ क्षीं काशीनाथाय विश्वनाथाय काल भैरवाय नमः।

मंत्र फल

आपदुद्धारण' = आपदाओं का उद्धार। भैरव — काशी के क्षेत्रपाल। शत्रु नाश, भय निवारण, सुरक्षा।

जप: शनिवार/अमावस्या रात्रि — 1008 जप। नित्य — 108 जप।

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शास्त्रीय स्रोत
भैरव तंत्र, रुद्रयामल तंत्र, काल भैरव अष्टकम्
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