विस्तृत उत्तर
प्रामाणिक तांत्रिक कल्पों के अनुसार, बटुक भैरव आपदुद्धारण महामंत्र का विन्यास इस प्रकार है:
- ▸ऋषि: श्री भैरव ऋषि (कल्पोक्त) — मंत्र के ज्ञाता और द्रष्टा।
- ▸छन्द: बटुक छन्द (कल्पोक्त)/अनुष्टुप — मंत्र के उच्चारण की लय और संरचना।
- ▸देवता: श्री आपदुद्धारण बटुक भैरव — साध्य देव का स्वरूप।
- ▸बीज/शक्ति: ह्रीं (Hreem) — मंत्र की मूल शक्ति का धारक।





