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विस्तृत उत्तर
'आपदुद्धारण' दो शब्दों का मेल है:
'आपत्ति' अर्थात् संकट, दुःख, विपत्ति
तथा
उद्धारणाय' अर्थात् उद्धार करने वाला।
इसका अर्थ है 'जो सभी संकटों और विपत्तियों से उद्धार करता है।'
बटुक भैरव का यह मंत्र 'आपदुद्धारण' (आपत्तियों का उद्धार करने वाला) के रूप में विख्यात है और अनेक तांत्रिक ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है।
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