विस्तृत उत्तर
संकष्टी चतुर्थी का व्रत जीवन की घोर विपत्तियों, कठिन आपदाओं और संकटों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है। 'संकष्ट' का अर्थ ही कठिन आपदा है। इस दिन भगवान श्री गणेश (विघ्नेश्वर) की पूजा की जाती है ताकि अज्ञान और संकटों के अंधकार को दूर करके जीवन में स्थिरता, बुद्धि और सफलता प्राप्त की जा सके।




