विस्तृत उत्तर
दोनों शुक्रवार के व्रत हैं, लेकिन इनमें बड़ा अंतर है। संतोषी माता एक लोक देवी (गणेश पुत्री) हैं, जिनका मुख्य प्रसाद गुड़-चना है और इसमें 'खटाई' पूर्णतः वर्जित है। इसकी कथा सास-बहू के संघर्ष पर आधारित है और उद्यापन 8 लड़कों को भोजन कराकर होता है। वहीं, वैभव लक्ष्मी पौराणिक महालक्ष्मी का स्वरूप हैं, जिनका प्रसाद चावल की खीर व सफेद फूल है। वैभव लक्ष्मी व्रत में खटाई निषेध नहीं है (केवल मांसाहार वर्जित है), कथा खोया धन पाने की है और उद्यापन में 7, 11 या 21 सुहागन स्त्रियों को वैभव लक्ष्मी की पुस्तक दान की जाती है।




