विस्तृत उत्तर
शनिवार का व्रत मुख्य रूप से न्याय और कर्मफल के देवता 'शनि देव' (शनैश्चर) को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया चल रही हो या शनि अशुभ फल दे रहे हों, वे ग्रह शांति, रोग मुक्ति, मुकदमों में जीत और अकाल मृत्यु के भय से बचने के लिए यह व्रत करते हैं।




