
मीन राशि 2026 वार्षिक राशिफल: साढ़े साती के बीच ईश्वरीय सुरक्षा कवच, पंचम उच्च गुरु और भाग्य का साथ !
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पंडित अरुण पाठक एवं आचार्य शशि शेखर पाठक. "मीन राशिफल 2026: साढ़े साती और ईश्वरीय सुरक्षा कवच !." पौराणिक, 2026. https://pauranik.org/post/meen-rashi-2026-varshik-rashifal-sade-sati-ishwariya-suraksha-kavach
पूजा के अंत में बोलें — 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥' देवी की पूजा में 'परमेश्वरी' बोलें। यह मंत्र पूजा में हुई समस्त भूलों की क्षमा के लिए है।
आचमन में तीन बार जल ग्रहण करते हुए क्रमशः 'ॐ केशवाय नमः', 'ॐ नारायणाय नमः', 'ॐ माधवाय नमः' बोला जाता है। इससे पूर्व 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र से पवित्रीकरण होता है। यह पूजा आरंभ की अनिवार्य शुद्धि-क्रिया है।
पढ़ाई में मन लगाने के लिए 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' और 'सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि... विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥' सबसे उपयोगी मंत्र हैं। पढ़ाई शुरू करने से पहले नियमित बोलने से एकाग्रता बढ़ती है।
नहीं, भागवत पुराण श्राद्ध में पशु-हिंसा और मांसाहार का पूर्णतः निषेध करता है। देवर्षि नारद का स्पष्ट उपदेश है कि धर्म का मर्म जानने वाला श्राद्ध में मांस का अर्पण और भक्षण दोनों न करे। पितर सात्त्विक हविष्यान्न अर्थात् दूध, घी, कंद-मूल से ही प्रसन्न होते हैं, मांस से कभी नहीं।
हाँ, दोनों पुराण तपोलोक को जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर बताते हैं।

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