स्तोत्रशरीर की रक्षा के लिए 'वज्र पंजर कवच' मंत्रवज्र पंजर का अर्थ है 'वज्र का पिंजरा'। शनि या दुर्गा वज्र पंजर कवच का पाठ शरीर के प्रत्येक अंग के चारों ओर एक अभेद्य ऊर्जा-घेरा बना देता है, जो काले जादू, दुर्घटनाओं और अकाल मृत्यु से रक्षा करता है।#वज्र पंजर#कवच#सुरक्षा
माला ज्ञानकाले हकीक की माला के फायदेकाले हकीक की माला बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से शनि देव, भैरव और माता काली के उग्र मंत्रों को सिद्ध करने के लिए होता है।#काला हकीक#सुरक्षा#शनि देव
व्रत का महत्वशनिवार का व्रत किस भगवान के लिए किया जाता है?यह व्रत न्याय के देवता 'शनि देव' को प्रसन्न करने और शनि की साढ़ेसाती या ढैया के कष्टों से बचने के लिए किया जाता है।#शनिवार व्रत#शनि देव#साढ़ेसाती
देवी-देवता परिचयशनि देव की माता कौन थीं?शनि देव की माता का नाम छाया है, जो सूर्य देव की प्रथम पत्नी संज्ञा का प्रतिरूप थीं। इसीलिए शनि को 'छायापुत्र' कहते हैं।#शनि देव#छाया#सूर्य पुत्र
देवी-देवता पूजननीले फूल किस देवता को चढ़ाएं?नीले फूल मुख्यतः शनिदेव को चढ़ाए जाते हैं। अपराजिता (नीला फूल) शनि, विष्णु, दुर्गा और शिव को प्रिय है। शनिवार को अपराजिता अर्पित करने से शनि दोष दूर होता है।#नीला फूल#अपराजिता#शनि देव