विस्तृत उत्तर
शनि दोष (साढ़ेसाती, ढैय्या, शनि दशा) निवारण हेतु मंत्र जप:
शनि मंत्र
- 1बीज मंत्र: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' — 23,000 जप (अनुष्ठान)।
- 2सरल मंत्र: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' — 108 बार नित्य।
- 3शनि गायत्री: 'ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मंदः प्रचोदयात्'।
- 4दशरथ कृत शनि स्तोत्र: अत्यंत प्रभावी।
जप विधि
- ▸शनिवार को जप करें।
- ▸काले/गहरे नीले वस्त्र।
- ▸लोहे या काले हकीक की माला।
- ▸सायंकाल/संध्या समय।
- ▸पश्चिम दिशा मुख।
- ▸सरसों तेल का दीपक।
- ▸काले तिल, काले उड़द भोग।
अन्य उपाय
- ▸हनुमान चालीसा/सुंदरकांड (शनिवार) — हनुमान जी शनि कष्ट हरते हैं।
- ▸शनि मंदिर में सरसों तेल दान।
- ▸काले कुत्ते को रोटी खिलाना।
- ▸लोहे की अंगूठी (मध्यमा उंगली)।
- ▸शनिदेव शिंगणापुर (महाराष्ट्र) दर्शन।
ज्योतिषी परामर्श: कुण्डली में शनि की स्थिति अनुसार सटीक उपाय जानें।





