विस्तृत उत्तर
हां, मंत्र जप वास्तु दोष शांति में सहायक है:
वास्तु दोष शांति के मंत्र
- 1वास्तु पुरुष मंत्र: 'ॐ वास्तु पुरुषाय नमः' — 108 बार।
- 2गणेश मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' — विघ्न/दोष नाशक।
- 3महामृत्युंजय मंत्र: सर्वदोष शांति।
- 4'ॐ नमः शिवाय': सर्वकल्याणकारी।
- 5नवग्रह मंत्र: ग्रह-वास्तु संबंधित दोष।
विधि: गृह प्रवेश पर हवन। प्रतिदिन पूजा घर में जप। शंख ध्वनि (नकारात्मकता नाश)। गंगाजल छिड़काव।
ध्यान रखें: गंभीर वास्तु दोष = वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श। मंत्र जप = सहायक, एकमात्र समाधान नहीं। संभव हो तो वास्तु सुधार (structural) + मंत्र = सर्वोत्तम।





