विस्तृत उत्तर
हां, मंत्र जप दूसरे व्यक्ति के लिए किया जा सकता है — इसे 'परोपकार जप' या 'संकल्प जप' कहते हैं।
विधि
- 1संकल्प: जप आरंभ से पूर्व संकल्प लें — 'मैं (नाम) (मंत्र) का (संख्या) जप (व्यक्ति का नाम) के कल्याण/स्वास्थ्य/शांति के लिए कर रहा/रही हूं।'
- 2उस व्यक्ति का मानसिक चित्र बनाएं।
- 3भाव: उस व्यक्ति के प्रति करुणा और कल्याण भाव।
- 4जप पूर्ण होने पर फल समर्पण: 'इस जप का फल (व्यक्ति) को प्राप्त हो।'
किन परिस्थितियों में
- ▸रोगी के स्वास्थ्य लाभ हेतु।
- ▸दूर रहने वाले परिजन के कल्याण हेतु।
- ▸मृत व्यक्ति की आत्मा शांति हेतु।
- ▸बच्चों/वृद्धों के लिए जो स्वयं जप नहीं कर सकते।
शास्त्रीय आधार
- ▸गीता: 'सर्वभूतहिते रतः' — सभी प्राणियों के हित में लगा भक्त श्रेष्ठ।
- ▸मंत्र शक्ति = ऊर्जा। ऊर्जा को संकल्प से किसी को भी प्रेषित किया जा सकता है।
- ▸पितृ तर्पण, श्राद्ध = मृत आत्माओं के लिए मंत्र जप की प्राचीन परंपरा।
ध्यान रखें: दूसरे के लिए जप करने से आपके जप का फल कम नहीं होता — बल्कि परोपकार से पुण्य बढ़ता है।





