ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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मंत्र विधि📜 मंत्र शास्त्र, लिखित जप परंपरा, राम नाम लेखन2 मिनट पठन

लिखित जप क्या होता है और इसकी विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

लिखित जप = मंत्र बार-बार लिखना। विशेष पुस्तिका, शुद्ध हाथ, लाल/काली स्याही, स्पष्ट अक्षर, मन में उच्चारण सहित। तीन इन्द्रियां सक्रिय (हाथ+आंख+मन) = अधिक एकाग्रता। राम नाम कोटि लिखित जप प्रसिद्ध। भरी पुस्तिका = नदी विसर्जन।

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विस्तृत उत्तर

लिखित जप (लिखित मंत्र साधना) = मंत्र/नाम को बार-बार लिखकर जप करना। यह वाचिक और मानसिक जप के समकक्ष एक शक्तिशाली साधना है।

विधि

  1. 1एक विशेष पुस्तिका (नोटबुक) रखें — केवल लिखित जप के लिए।
  2. 2स्नान करके शुद्ध हाथों से लिखें।
  3. 3लाल या काली स्याही (कलम) — लाल = शक्ति, काली = सामान्य।
  4. 4एक पंक्ति में एक बार मंत्र लिखें: जैसे 'ॐ नमः शिवाय', 'श्री राम जय राम जय जय राम'।
  5. 5प्रत्येक अक्षर स्पष्ट और सुंदर लिखें — जल्दबाजी न करें।
  6. 6लिखते समय मन में मंत्र का उच्चारण भी करें।
  7. 7प्रतिदिन निश्चित संख्या (1 पृष्ठ / 108 बार) लिखें।

प्रसिद्ध लिखित जप

  • राम नाम लिखित जप: 'श्री राम' कोटि (करोड़) बार लिखना — राम नाम लिखित जप बहुत प्रचलित।
  • 'ॐ नमः शिवाय' लिखित जप।
  • गायत्री मंत्र लिखित जप।

विशेषता

  • तीन इन्द्रियां एक साथ सक्रिय: हाथ (स्पर्श/कर्म), आंख (दृष्टि), मन (भाव) — एकाग्रता अधिक।
  • जिनका मन जप में भटकता है — लिखित जप उत्तम विकल्प।

पूर्ण होने पर: भरी पुस्तिका को पवित्र नदी में विसर्जित करें या देवस्थान में रखें।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, लिखित जप परंपरा, राम नाम लेखन
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