विस्तृत उत्तर
लिखित जप (लिखित मंत्र साधना) = मंत्र/नाम को बार-बार लिखकर जप करना। यह वाचिक और मानसिक जप के समकक्ष एक शक्तिशाली साधना है।
विधि
- 1एक विशेष पुस्तिका (नोटबुक) रखें — केवल लिखित जप के लिए।
- 2स्नान करके शुद्ध हाथों से लिखें।
- 3लाल या काली स्याही (कलम) — लाल = शक्ति, काली = सामान्य।
- 4एक पंक्ति में एक बार मंत्र लिखें: जैसे 'ॐ नमः शिवाय', 'श्री राम जय राम जय जय राम'।
- 5प्रत्येक अक्षर स्पष्ट और सुंदर लिखें — जल्दबाजी न करें।
- 6लिखते समय मन में मंत्र का उच्चारण भी करें।
- 7प्रतिदिन निश्चित संख्या (1 पृष्ठ / 108 बार) लिखें।
प्रसिद्ध लिखित जप
- ▸राम नाम लिखित जप: 'श्री राम' कोटि (करोड़) बार लिखना — राम नाम लिखित जप बहुत प्रचलित।
- ▸'ॐ नमः शिवाय' लिखित जप।
- ▸गायत्री मंत्र लिखित जप।
विशेषता
- ▸तीन इन्द्रियां एक साथ सक्रिय: हाथ (स्पर्श/कर्म), आंख (दृष्टि), मन (भाव) — एकाग्रता अधिक।
- ▸जिनका मन जप में भटकता है — लिखित जप उत्तम विकल्प।
पूर्ण होने पर: भरी पुस्तिका को पवित्र नदी में विसर्जित करें या देवस्थान में रखें।





