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मंत्र विधि📜 विज्ञान भैरव तंत्र, उपनिषद, योग शास्त्र1 मिनट पठन

हंस मंत्र सोहम का क्या रहस्य है?

संक्षिप्त उत्तर

सोहम = 'मैं वही ब्रह्म।' हंस = उल्टा = परमहंस। 21,600 श्वास/दिन = अजपा जप। विज्ञान भैरव: शिव→पार्वती। 'सः+अहम् = सोऽहम्' = जीव=ब्रह्म (अद्वैत)। हंस = विवेक। परमहंस = ब्रह्मज्ञानी। श्वास सहित, बिना माला/दीक्षा।

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विस्तृत उत्तर

'हंस' और 'सोहम' = एक ही मंत्र के दो रूप — अजपा मंत्र:

रहस्य

  1. 1'सो-हम' = श्वास अंदर 'सो', बाहर 'हम' = 'मैं वही (ब्रह्म) हूं।'
  2. 2'हं-स' = उल्टा — 'हम' + 'स' = 'हंस' = परमहंस = ब्रह्मज्ञानी।
  3. 3दोनों = एक ही अद्वैत सत्य — जीव = ब्रह्म।

गहरा रहस्य

  • 21,600 श्वास/दिन = 21,600 बार 'सो-हम' जप स्वतः — अजपा जप (बिना जपे)।
  • विज्ञान भैरव तंत्र: शिव ने पार्वती को यह गोपनीय विधि बताई।
  • 'सो' = 'सः' = वह (ब्रह्म), 'अहम्' = मैं। जीवात्मा = परमात्मा।

'हंस'

  • 'हंसः सोऽहं, सोऽहं हंसः' — चक्रीय।
  • हंस = विवेक (दूध-पानी अलग) = ब्रह्म-माया विवेक।
  • परमहंस = जो 'सोऽहम्' सिद्ध कर ले = ब्रह्मज्ञानी (रामकृष्ण परमहंस)।

जप: श्वास अंदर = 'सो' (या 'हं'), श्वास बाहर = 'हम' (या 'स')। कहीं भी, कभी भी, बिना माला, बिना दीक्षा।

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शास्त्रीय स्रोत
विज्ञान भैरव तंत्र, उपनिषद, योग शास्त्र
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