ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

दोष से जुड़े सभी प्रश्न(29)

दोष पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 29 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मंत्र जप नियम

बिना स्नान किए मंत्र जप करने से क्या दोष लगता है?

अनुष्ठान = स्नान अनिवार्य। दैनिक = उत्तम, अनिवार्य नहीं (बीमारी/यात्रा)। विकल्प: हाथ-मुंह + आचमन + 'ॐ' 3 बार। मानस जप = सर्वत्र (बिना स्नान भी)।

#स्नान#बिना#दोष
तंत्र शास्त्र

तंत्र साधना में असफलता के क्या कारण हो सकते हैं?

कारण: गुरु अभाव, उच्चारण दोष, विधि दोष, अनियमितता, श्रद्धा कमी (गीता: 'संशयात्मा विनश्यति'), अशुद्ध आचरण, अधीरता, अयोग्य मंत्र, गोपनीयता भंग, कर्म बाधा। उपाय: गुरु + धैर्य + नियमितता।

#असफलता#कारण#साधना
मंत्र विधि

गलत मंत्र का जप कर लिया तो क्या प्रभाव पड़ता है?

वैदिक: स्वर दोष गंभीर (इन्द्रशत्रुः)। तांत्रिक: बीज भूल = निष्फल/विपरीत। सामान्य भक्ति: मामूली भूल = कोई हानि नहीं। क्षमा प्रार्थना = समाधान ('मन्त्रहीनं...परिपूर्णं तदस्तु मे')। भगवान भाव देखते, दंड नहीं देते। भय न रखें।

#गलत मंत्र#दोष#उपाय
मंत्र जप लाभ

मंत्र जप से नजर दोष कैसे उतारें?

हनुमान/महामृत्युंजय/दुर्गा मंत्र 108 बार। जल पर जप → छिड़काव। सरल: 'ॐ' 21 बार → जल → छिड़कें। काला टीका, नींबू-मिर्ची। लोक मान्यता।

#नजर#दोष#उतारना
ज्योतिष

राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18,000। सरल: 'ॐ रां राहवे नमः' 108 नित्य। शनिवार/बुधवार रात्रि, काले वस्त्र, गोमेद/रुद्राक्ष माला, सरसों दीपक। 40 दिन। दुर्गा सप्तशती भी प्रभावी। ज्योतिषी परामर्श।

#राहु#मंत्र#दोष
ज्योतिष उपाय

शनि स्तोत्र से शनि दोष कैसे दूर?

दशरथ कृत शनि स्तोत्र(सबसे प्रभावी), वज्रपंजर कवच, बीज मंत्र('ॐ प्रां प्रीं प्रौं'), शनि गायत्री, चालीसा, महामृत्युंजय। शनिवार+दान+हनुमान+कर्म शुद्धि=40 दिन।

#शनि स्तोत्र#दोष#निवारण
मंत्र जप नियम

मंत्र जप में माला का सुमेरु उल्लंघन करने से क्या दोष लगता है?

सुमेरु = गुरु/ब्रह्म — कभी न लांघें। 108 पर माला उल्टी मोड़कर वापस। लांघने = गुरु अपमान, फल नष्ट। अनजाने में: 'ॐ' 3 बार → जारी।

#सुमेरु#माला#उल्लंघन
ग्रह मंत्र

शनि गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?

'ॐ काकध्वजाय विद्महे...तन्नो मन्दः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, सरसों दीपक, लोहे की माला। + हनुमान चालीसा = सर्वोत्तम शनि शांति।

#शनि#गायत्री#दोष
मंत्र जप लाभ

मंत्र जप से मांगलिक दोष शांत होता है क्या?

ज्योतिष: हां। मंगल बीज 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः'। हनुमान मंत्र/चालीसा (मंगलवार)। महामृत्युंजय। ज्योतिष आधारित — विवाह निर्णय केवल दोष पर न लें।

#मांगलिक#दोष#शांत
ज्योतिष

केतु मंत्र का जप केतु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः' 17,000। सरल: 'ॐ कें केतवे नमः' 108। मंगलवार/शनिवार, भूरे वस्त्र, 7 मुखी रुद्राक्ष। गणेश पूजा। केतु = मोक्षकारक भी। ज्योतिषी परामर्श।

#केतु#मंत्र#दोष
मंत्र विधि

मंत्र जप से वास्तु दोष दूर होता है क्या?

हां, सहायक। मंत्र: 'ॐ वास्तु पुरुषाय नमः', गणेश मंत्र, महामृत्युंजय। हवन, शंख ध्वनि, गंगाजल। गंभीर दोष: वास्तु विशेषज्ञ। मंत्र = सहायक + वास्तु सुधार = सर्वोत्तम।

#वास्तु#दोष#मंत्र
श्रीमद्भागवत

कलियुग के दोष कैसे मिटते हैं?

स्रोत के अनुसार श्रीमद्भागवत की ध्वनि से कलियुग के दोष वैसे मिटते हैं जैसे सिंह-गर्जना से भेड़िये भागते हैं।

#कलियुग#दोष#भागवत
श्रीमद्भागवत

कलियुग के मुख्य दोष क्या हैं?

असत्य, आलस्य, पाखंड, लोभ, सदाचार का अभाव और साधनों का सार घटना कलियुग के दोष बताए गए हैं।

#कलियुग#दोष#अधर्म
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी श्राद्ध का दोष क्या बताया गया है?

एकादशी श्राद्ध से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों नरकगामी बताए गए हैं।

#एकादशी श्राद्ध#दोष#नरकगामी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

छः पिण्ड न देने पर क्या दोष बताया गया है?

छः पिण्ड न देने पर शव अग्निदाह योग्य नहीं माना जाता और अधिष्ठाता देवताओं के विनाश का दोष बताया गया है।

#छः पिण्ड#दोष#अग्निदाह
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

६ मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह दोष को दूर करने के लिए पहना जाता है?

६ मुखी रुद्राक्ष शुक्र या मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायक होता है।

#6 मुखी#शुक्र#मंगल
योग भंग

मेष और मिथुन लग्न में राजयोग भंग क्यों होता है?

मेष लग्न में शनि 11वें घर (लाभ/लालच) का और मिथुन में शनि 8वें घर (मृत्यु/बाधा) का मालिक भी होता है। इन खराब घरों का मालिक होने से राजयोग का शुभ फल नष्ट हो जाता है।

#मेष लग्न#मिथुन लग्न#दोष
ज्योतिष दोष एवं उपाय

केतु दोष क्या है लक्षण कैसे पहचानें

केतु=वैराग्य/अचानक। लक्षण: अज्ञात समस्या, संतान कष्ट, त्वचा रोग, अत्यधिक वैराग्य, कुत्ते भय, दुर्घटना। ज्योतिषी=सटीक पहचान।

#केतु#दोष#लक्षण
स्तोत्र एवं पाठ

केतु दोष शांति के लिए कौन सा पाठ

गणेश अथर्वशीर्ष (केतु=गणेश), 'ॐ कें केतवे नमः', दुर्गा पूजा, 9 मुखी। लहसुनिया। कुत्ते को भोजन। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय।

#केतु#दोष#पाठ
स्तोत्र एवं पाठ

राहु दोष के लिए कौन सा पाठ

दुर्गा सप्तशती/कुंजिका (सर्वोत्तम), 'ॐ रां राहवे नमः', राहु कवच, सरस्वती (भ्रम नाश)। गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष।

#राहु#दोष#पाठ
स्तोत्र एवं पाठ

शनि दोष के लिए कौन सा स्तोत्र

हनुमान चालीसा (सर्वप्रभावी), दशरथ कृत शनि स्तोत्र, शनि चालीसा, 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108, शनि वज्रपंजर। दान: तेल/तिल/उड़द शनिवार।

#शनि#दोष#स्तोत्र
स्तोत्र एवं पाठ

मंगल दोष के लिए कौन सा स्तोत्र

हनुमान चालीसा (मंगल देवता), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड (मंगलवार), मंगल स्तोत्र। मूंगा, 3 मुखी। कुंभ विवाह=दोष शांति।

#मंगल#दोष#स्तोत्र
ज्योतिष दोष एवं उपाय

कालसर्प दोष कैसे पहचानें कुंडली में

सभी 7 ग्रह राहु-केतु के एक ओर = कालसर्प। 12 प्रकार (भाव अनुसार)। लक्षण: सांप सपने, बाधा, असफलता। ज्योतिषी से जांच। महत्वपूर्ण: प्राचीन ग्रंथों में 'कालसर्प' शब्द नहीं — अपेक्षाकृत नवीन अवधारणा।

#कालसर्प#दोष#पहचान
ज्योतिष दोष एवं उपाय

राहु केतु दोष से कैसे बचें

राहु: दुर्गा पूजा, 'ॐ रां राहवे नमः', गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष। केतु: गणेश पूजा, 'ॐ कें केतवे नमः', लहसुनिया, 9 मुखी। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय + हनुमान + शिव।

#राहु#केतु#दोष
ज्योतिष दोष एवं उपाय

गुरु चांडाल दोष क्या है उपाय

गुरु+राहु एक भाव = ज्ञान में भ्रम, गुरु विश्वासघात। उपाय: विष्णु पूजा, गुरुवार व्रत, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः', पुखराज, सत्य + गुरु सम्मान = सबसे प्रभावी।

#गुरु चांडाल#दोष#गुरु राहु
ज्योतिष

मंगल गायत्री मंत्र का जप मंगल दोष के लिए कैसे करें?

'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10,000। मंगलवार, लाल वस्त्र, मूंगा माला। हनुमान पूजा = मंगल शांति। ज्योतिषी से मांगलिक दोष पुष्टि करवाएं।

#मंगल#गायत्री#मांगलिक
यंत्र साधना

वास्तु दोष निवारण यंत्र कैसे प्रयोग करें?

वास्तु/श्री/नवग्रह यंत्र। ईशान कोण/मुख्य द्वार। गंगाजल शुद्धि + प्राण प्रतिष्ठा। प्रतिदिन दीपक + 11 जप। ताम्रपत्र/पंचधातु। दीपावली/नवरात्रि स्थापना।

#वास्तु#दोष#निवारण
मंत्र जप लाभ

मंत्र जप से ग्रह दोष कैसे दूर होता है?

प्रत्येक ग्रह = देवता मंत्र। सूर्य=गायत्री, चंद्र=शिव, मंगल/शनि=हनुमान, शुक्र=श्री सूक्त, राहु=सप्तशती। सर्वग्रह: महामृत्युंजय सवा लाख। ज्योतिष आधारित।

#ग्रह#दोष#दूर
ज्योतिष

शनि मंत्र का जप शनि दोष निवारण के लिए कैसे करें?

मंत्र: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000 या 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108 नित्य। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, लोहे की माला, सायंकाल, सरसों तेल दीपक। हनुमान चालीसा शनिवार। सरसों तेल दान। काले कुत्ते को रोटी। ज्योतिषी परामर्श।

#शनि#मंत्र#साढ़ेसाती
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।