विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवतमाहात्म्य में कलियुग के दोषों को दूर करने का उपाय श्रीमद्भागवत की ध्वनि बताया गया है। सनकादि ऋषि नारदजी से कहते हैं कि श्रीमद्भागवत पारायण के शब्द सुनने से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को बल मिलेगा। ज्ञान-वैराग्य का कष्ट दूर होगा और भक्ति को आनंद मिलेगा। इसके बाद वे एक उपमा देते हैं: जैसे सिंह की गर्जना सुनकर भेड़िये भाग जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत की ध्वनि से कलियुग के सारे दोष नष्ट हो जाते हैं। आगे वे कहते हैं कि तब प्रेमरस बहाने वाली भक्ति ज्ञान और वैराग्य के साथ घर-घर और जन-जन के हृदय में क्रीड़ा करेगी। इसलिए कलियुग-दोष-नाश का साधन श्रीमद्भागवत श्रवण, उसका पारायण और भक्ति की स्थापना है।
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