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कलियुग — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 8 प्रश्न

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युग वर्णन

कलियुग कब समाप्त होगा शास्त्रों के अनुसार?

कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष। प्रारंभ 3102 ई.पू. — अभी ~5,128 वर्ष बीते, ~4,26,872 शेष। अंत में कल्कि अवतार आएंगे, फिर सतयुग प्रारंभ। 'जल्दी समाप्त होगा' जैसे दावे शास्त्र-विरुद्ध हैं।

कलियुगयुग चक्रसमाप्ति
धर्म मार्गदर्शन

कलियुग में धर्म पालन कैसे करें?

भागवत पुराण (12.3.51-52): कलियुग में कृष्ण नाम कीर्तन से मुक्ति। रामचरितमानस: 'कलियुग केवल नाम अधारा।' नाम जप, सत्य, दया, नित्य पूजा, गीता पाठ और सत्संग — कलियुग में धर्म पालन के सरलतम उपाय।

कलियुगधर्म पालनभक्ति
तंत्र ग्रंथ

महानिर्वाण तंत्र का मुख्य विषय क्या है?

कलियुग तंत्र — सरल+उदार। ब्रह्म ज्ञान, कलियुग धर्म, पंचमकार (प्रतीकात्मक), सामाजिक सुधार (स्त्री/शूद्र अधिकार), दीक्षा, संस्कार। सबसे प्रगतिशील। Woodroffe अनुवाद।

महानिर्वाणतंत्रविषय
हिंदू दर्शन

कलियुग में तंत्र मंत्र अधिक प्रभावी क्यों माने जाते हैं

महानिर्वाण तंत्र — कलियुग में मंत्र जप सर्वाधिक प्रभावी (सतयुग=ध्यान, त्रेता=यज्ञ, द्वापर=पूजा)। कारण: आयु-शक्ति-एकाग्रता कम, अतः सरल मार्ग। 'कलियुग केवल नाम अधारा।' सावधानी: तंत्र ≠ काला जादू; गुरु आवश्यक; सात्विक तंत्र ही शास्त्रसम्मत।

कलियुगतंत्रमंत्र
हिंदू दर्शन

सतयुग से कलियुग तक धर्म कैसे बदला

धर्म = चार पैरों का बैल (सत्य, दया, तप, दान)। सतयुग=4 पैर (ध्यान), त्रेता=3 (यज्ञ, राम), द्वापर=2 (पूजा, कृष्ण), कलियुग=1 (नाम जप)। कलियुग में धर्म क्षीण पर मोक्ष सरल — 'कलियुग केवल नाम अधारा।' कल्कि अवतार से पुनः सतयुग।

युगसतयुगकलियुग
हिंदू दर्शन

हनुमान जी अमर क्यों हैं और आज कहाँ हैं

हनुमान सप्त चिरंजीवियों में से एक — सीता, राम और ब्रह्मा के वरदान से अमर। कलियुग में विद्यमान — जहां राम कथा वहां हनुमान उपस्थित। गंधमादन पर्वत पर राम जप। महाभारत में भीम से भेंट और अर्जुन की ध्वजा पर विराजमान।

हनुमानचिरंजीवीअमर
आध्यात्मिक महत्व

तंत्र साधना का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

तंत्र का आध्यात्मिक महत्व: देह = मंदिर (मोक्ष का साधन)। ब्रह्मांड = शक्ति — उसे जानना = मुक्ति। समावेशी: 'प्रत्येक में शिव।' स्त्री-शक्ति सम्मान। त्वरित मार्ग। कलियुग में क्रिया-प्रधान। कुलार्णव: 'तंत्रं मोक्षस्य साधनम्।'

महत्वदेह-मंदिरशक्ति
धर्म मार्गदर्शन

कलियुग में कौन सा नाम जपने से मोक्ष मिलता है?

कलिसंतरण उपनिषद: हरे कृष्ण महामंत्र (16 नाम)। रामचरितमानस: राम नाम। भागवत: कृष्ण कीर्तन। शैव: ॐ नमः शिवाय। सबसे महत्वपूर्ण — कोई भी नाम श्रद्धा और निरंतरता से जपें, भाव प्रधान है, नाम नहीं।

नाम जपमोक्षकलियुग

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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