विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना का आध्यात्मिक महत्व तंत्रालोक और महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है:
1देह को मोक्ष का साधन बनाना
तंत्र का सबसे बड़ा योगदान — 'देहो देवालयः' — देह = मंदिर। अन्य दर्शनों में देह माया/बंधन। तंत्र में देह ही मोक्ष का साधन।
2शक्ति का विज्ञान
tंत्रालोक: ब्रह्मांड = शक्ति का खेल। इस शक्ति को जानना, जगाना, उससे एक होना = आध्यात्मिक मुक्ति।
3समावेशी दृष्टि
तंत्र में कोई वर्जित नहीं — हर वस्तु, हर अनुभव शक्ति का प्रकटन। 'प्रत्येक में शिव को देखना' — यही जागृत साधक की दृष्टि।
4स्त्री-शक्ति का सम्मान
तंत्र में स्त्री = शक्ति का साक्षात् रूप। शाक्त परंपरा में स्त्री = पूजनीय।
5त्वरित मार्ग
महानिर्वाण तंत्र: वर्षों के अभ्यास का फल तंत्र से शीघ्र — किंतु योग्य गुरु के साथ।
6कलियुग में उपयुक्त
तंत्र = क्रिया-प्रधान। कलियुग में क्रिया (जप, पूजा, ध्यान) से सुलभ।
कुलार्णव
तंत्रं मोक्षस्य साधनम्।' — तंत्र मोक्ष का साधन है।





