विस्तृत उत्तर
हिंदू शास्त्रों में चार युगों (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग) का चक्र वर्णित है।
कलियुग की अवधि
- ▸सूर्य सिद्धांत और पुराणों के अनुसार कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष है।
- ▸कलियुग का प्रारंभ 3102 ई.पू. (श्रीकृष्ण के स्वर्गारोहण/महाभारत युद्ध के 36 वर्ष बाद) माना जाता है।
- ▸वर्तमान में (2026 ई.) कलियुग के लगभग 5,128 वर्ष बीत चुके हैं।
- ▸शेष: लगभग 4,26,872 वर्ष और बाकी हैं।
कलियुग के अंत में क्या होगा (भागवत पुराण 12.2)
- ▸धर्म पूर्णतः नष्ट हो जाएगा।
- ▸मनुष्य की आयु 20 वर्ष रह जाएगी।
- ▸केवल बल और धन ही सम्मान का आधार होगा।
- ▸कल्कि अवतार प्रकट होंगे और अधर्मियों का नाश करेंगे।
- ▸कल्कि अवतार के बाद सतयुग का पुनः प्रारंभ होगा।
चार युगों का चक्र (चतुर्युगी)
- ▸सतयुग = 17,28,000 वर्ष
- ▸त्रेतायुग = 12,96,000 वर्ष
- ▸द्वापरयुग = 8,64,000 वर्ष
- ▸कलियुग = 4,32,000 वर्ष
- ▸कुल = 43,20,000 वर्ष (एक चतुर्युगी/महायुग)
ध्यान दें: कलियुग का अंत अभी बहुत दूर है। इंटरनेट पर प्रचलित दावे कि 'कलियुग जल्दी समाप्त होगा' शास्त्र-विरुद्ध हैं।





