ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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धर्म मार्गदर्शन📜 भागवत पुराण (12.3.51-52), रामचरितमानस, विष्णु सहस्रनाम, कलिसंतरण उपनिषद2 मिनट पठन

कलियुग में कौन सा नाम जपने से मोक्ष मिलता है?

संक्षिप्त उत्तर

कलिसंतरण उपनिषद: हरे कृष्ण महामंत्र (16 नाम)। रामचरितमानस: राम नाम। भागवत: कृष्ण कीर्तन। शैव: ॐ नमः शिवाय। सबसे महत्वपूर्ण — कोई भी नाम श्रद्धा और निरंतरता से जपें, भाव प्रधान है, नाम नहीं।

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विस्तृत उत्तर

शास्त्रों के अनुसार कलियुग में ईश्वर के नाम का जप ही मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है।

प्रमुख मोक्षदायक नाम

  1. 1राम नाम — तुलसीदास: *'राम नाम मणि दीप धरु जीह देहरी द्वार'* — जीभ रूपी द्वार पर राम नाम की मणि रख दो। रामचरितमानस में राम नाम को कलियुग का सर्वश्रेष्ठ आधार बताया गया।
  1. 1हरे कृष्ण महामंत्र — कलिसंतरण उपनिषद में:

*'हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।'*

— इन 16 नामों के कीर्तन से कलियुग के सभी दोष नष्ट होते हैं।

  1. 1ॐ नमो नारायणाय — अष्टाक्षर मंत्र, वैष्णव परंपरा में मोक्षदायक।
  1. 1ॐ नमः शिवाय — पंचाक्षर मंत्र, शैव परंपरा में मोक्षदायक।
  1. 1 — प्रणव मंत्र, सभी मंत्रों का मूल, सर्वोच्च ब्रह्म का प्रतीक (माण्डूक्य उपनिषद)।
  1. 1विष्णु सहस्रनाम — महाभारत में भीष्म पितामह ने कहा — विष्णु सहस्रनाम का पाठ सभी पापों का नाश करता है।

भागवत पुराण (12.3.51-52): कलियुग में केवल कृष्ण नाम कीर्तन से वही फल मिलता है जो सतयुग में ध्यान, त्रेता में यज्ञ और द्वापर में पूजा से मिलता था।

सार: कोई भी नाम — राम, कृष्ण, शिव, हरि, नारायण — श्रद्धा और निरंतरता से जपने पर मोक्षदायक है। नाम कम, भाव अधिक महत्वपूर्ण।

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शास्त्रीय स्रोत
भागवत पुराण (12.3.51-52), रामचरितमानस, विष्णु सहस्रनाम, कलिसंतरण उपनिषद
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