ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
हिंदू दर्शन📜 विष्णु पुराण (1.3), भागवत पुराण (12.2), मनुस्मृति, महाभारत (वन पर्व)2 मिनट पठन

सतयुग से कलियुग तक धर्म कैसे बदला

संक्षिप्त उत्तर

धर्म = चार पैरों का बैल (सत्य, दया, तप, दान)। सतयुग=4 पैर (ध्यान), त्रेता=3 (यज्ञ, राम), द्वापर=2 (पूजा, कृष्ण), कलियुग=1 (नाम जप)। कलियुग में धर्म क्षीण पर मोक्ष सरल — 'कलियुग केवल नाम अधारा।' कल्कि अवतार से पुनः सतयुग।

📖

विस्तृत उत्तर

हिंदू काल चक्र में चार युग हैं — सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग। प्रत्येक युग में धर्म (नैतिकता) क्रमशः घटता है।

धर्म का बैल रूपक

विष्णु पुराण और भागवत पुराण में धर्म को चार पैरों वाले बैल के रूप में दर्शाया गया है — सत्य, दया, तप, दान/शौच।

1सतयुग (कृतयुग) — धर्म 4/4 पैर

  • अवधि: 17,28,000 वर्ष। मनुष्य आयु: ~1,00,000 वर्ष।
  • सत्य, दया, तप, दान — चारों विद्यमान।
  • सभी धर्मनिष्ठ। कोई पाप नहीं। वर्ण व्यवस्था नहीं — सब ब्राह्मण तुल्य।
  • ध्यान/तपस्या प्रमुख साधना।

2त्रेतायुग — धर्म 3/4 पैर

  • अवधि: 12,96,000 वर्ष। मनुष्य आयु: ~10,000 वर्ष।
  • सत्य, दया, तप विद्यमान; दान/शौच में कमी।
  • यज्ञ प्रमुख साधना। वर्ण व्यवस्था प्रारंभ।
  • राम अवतार — मर्यादा स्थापना।

3द्वापरयुग — धर्म 2/4 पैर

  • अवधि: 8,64,000 वर्ष। मनुष्य आयु: ~1,000 वर्ष।
  • सत्य और दया विद्यमान; तप और दान क्षीण।
  • पूजा-अर्चना प्रमुख साधना।
  • कृष्ण अवतार — धर्म-अधर्म का भीषण संघर्ष (महाभारत)।

4कलियुग — धर्म 1/4 पैर

  • अवधि: 4,32,000 वर्ष। मनुष्य आयु: ~100 वर्ष।
  • केवल सत्य (वह भी क्षीण) शेष; दया, तप, दान लुप्तप्राय।
  • भागवत 12.2 — राजा शोषक, ब्राह्मण अज्ञानी, स्त्रियां असुरक्षित, धन ही प्रतिष्ठा का आधार।
  • नाम जप/मंत्र/भक्ति प्रमुख साधना।
  • कलियुग का वरदान — सतयुग में जो लाखों वर्ष तप से मिलता, कलियुग में नाम स्मरण मात्र से मिलता है।

कल्कि अवतार

कलियुग के अंत में विष्णु का कल्कि अवतार होगा जो अधर्मियों का संहार कर पुनः सतयुग स्थापित करेगा।

ध्यान दें: युगों की अवधि और विवरण विभिन्न पुराणों में भिन्न हैं। उपरोक्त आंकड़े सर्वाधिक प्रचलित (सूर्य सिद्धांत/विष्णु पुराण आधारित) हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
विष्णु पुराण (1.3), भागवत पुराण (12.2), मनुस्मृति, महाभारत (वन पर्व)
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

युगसतयुगकलियुगधर्मपरिवर्तन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

सतयुग से कलियुग तक धर्म कैसे बदला — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको हिंदू दर्शन से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर विष्णु पुराण (1.3), भागवत पुराण (12.2), मनुस्मृति, महाभारत (वन पर्व) पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।