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शनि गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

'ॐ काकध्वजाय विद्महे...तन्नो मन्दः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, सरसों दीपक, लोहे की माला। + हनुमान चालीसा = सर्वोत्तम शनि शांति।

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विस्तृत उत्तर

शनि गायत्री

'ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्'

बीज: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' (23,000)

सरल: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' (108 नित्य)

कब: शनिवार। सायंकाल/संध्या। शनि अमावस्या विशेष।

कैसे: काले/गहरे नीले वस्त्र → सरसों तेल दीपक → काले तिल/उड़द भोग → लोहे/काले हकीक माला → पश्चिम दिशा → 108 बार।

अन्य: हनुमान चालीसा (शनिवार) = शनि शांति का सर्वोत्तम उपाय। शनि मंदिर सरसों तेल दान। काले कुत्ते को रोटी। लोहे की अंगूठी।

शनि = कर्म, अनुशासन, न्याय, दीर्घायु, कठिनाई। साढ़ेसाती/ढैय्या में विशेष जप।

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शास्त्रीय स्रोत
ज्योतिष शास्त्र
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