विस्तृत उत्तर
शनि गायत्री
'ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्'
बीज: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' (23,000)
सरल: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' (108 नित्य)
कब: शनिवार। सायंकाल/संध्या। शनि अमावस्या विशेष।
कैसे: काले/गहरे नीले वस्त्र → सरसों तेल दीपक → काले तिल/उड़द भोग → लोहे/काले हकीक माला → पश्चिम दिशा → 108 बार।
अन्य: हनुमान चालीसा (शनिवार) = शनि शांति का सर्वोत्तम उपाय। शनि मंदिर सरसों तेल दान। काले कुत्ते को रोटी। लोहे की अंगूठी।
शनि = कर्म, अनुशासन, न्याय, दीर्घायु, कठिनाई। साढ़ेसाती/ढैय्या में विशेष जप।





