विस्तृत उत्तर
मंगल दोष (मांगलिक दोष, कुजदोष) शांति हेतु:
मंगल गायत्री मंत्र
'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'
बीज मंत्र: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' — 10,000 जप।
जप विधि
- 1मंगलवार को जप।
- 2लाल वस्त्र।
- 3लाल चंदन/मूंगा माला।
- 4प्रातःकाल — दक्षिण दिशा मुख।
- 5108 बार नित्य या 10,000 अनुष्ठान।
- 6लाल मसूर दाल भोग।
- 7हनुमान जी की पूजा (मंगलवार) — हनुमान = मंगल शांतिकारक।
अन्य उपाय: हनुमान चालीसा (मंगलवार), मंगल यंत्र स्थापना, लाल मूंगा धारण (ज्योतिषी परामर्श), सुंदरकांड पाठ।
ध्यान रखें: मांगलिक दोष = कुण्डली विशेषज्ञ से पुष्टि करवाएं। हर 'मांगलिक' कुण्डली समस्यात्मक नहीं होती।





