विस्तृत उत्तर
यह अत्यंत विवादित विषय है। ईमानदारी से दोनों पक्ष:
ज्योतिष पक्ष: खगोलीय गणित (ग्रह स्थिति) = सटीक विज्ञान। चंद्रमा = ज्वारभाटा (सिद्ध) = मन पर प्रभाव (मान्यता)। सूर्य = ऋतुएं/फसल/स्वास्थ्य (सिद्ध)। हजारों वर्ष अनुभव/प्रेक्षण = empirical data।
वैज्ञानिक पक्ष: आधुनिक विज्ञान ज्योतिष को pseudoscience (छद्म विज्ञान) मानता है। ग्रहों की गुरुत्वाकर्षण शक्ति = पृथ्वी पर नगण्य (सूर्य/चंद्र छोड़कर)। controlled studies में ज्योतिषीय भविष्यवाणी = random chance से बेहतर प्रमाणित नहीं।
संतुलित: ज्योतिष = भारतीय सांस्कृतिक विरासत; लाखों लोगों का विश्वास। मार्गदर्शन के रूप में उपयोगी। परंतु 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित' कहना = अतिशयोक्ति। कर्म > ग्रह = गीता शिक्षा।





