वेदवेद पाठ कौन कर सकता है शास्त्रों के अनुसार
परम्परागत मत (मनुस्मृति/धर्मसूत्र): उपनयन प्राप्त द्विज (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य)। उदार मत: यजुर्वेद 26.2 सभी जनों को ज्ञान देने की बात करता है (विद्वानों में व्याख्या भेद)। भक्ति परम्परा और आर्य समाज ने सार्वभौमिक अधिकार का समर्थन किया। विषय बहुआयामी है — शास्त्रों में एकमत नहीं। आधुनिक काल में सभी के लिए खुला।
#वेदाधिकार#उपनयन#वर्ण व्यवस्था