विस्तृत उत्तर
विवादित विषय — दो मत:
वर्जित (कठोर मत)
- ▸रुद्राक्ष = शिव स्वरूप; मांसाहार = तामसिक; दोनों साथ = अनुचित।
- ▸मांसाहार/मदिरा के समय उतार दें।
अनुमत (उदार मत)
- ▸रुद्राक्ष जाबालोपनिषद — 'रुद्राक्ष धारण के लिए कोई जाति, आहार, आचार प्रतिबंध नहीं।'
- ▸शिव स्वयं अघोर — सभी को स्वीकार।
- ▸रुद्राक्ष = 24×7 पहनें; उतारना अशुभ (कुछ मत)।
संतुलित सुझाव
- ▸यदि शाकाहारी = उत्तम।
- ▸मांसाहारी = रुद्राक्ष पहन सकते हैं; शिव कृपा सबके लिए। उतारना अनिवार्य नहीं।
- ▸मदिरा = उतारना उचित (अधिकांश मत)।
स्पष्टीकरण: कठोर नियम = विशेष साधकों के लिए। सामान्य धारक = उदार मत अनुसार।





