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रुद्राक्ष📜 रुद्राक्ष सिद्धि परंपरा1 मिनट पठन

रुद्राक्ष को दूध में डालकर पहनने का विधान

संक्षिप्त उत्तर

कच्चा गाय दूध में रातभर → गंगाजल से धोएं → 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार → पहनें। दूध = नकारात्मक ऊर्जा शोषित। पहली बार + नियमित (सोमवार/शिवरात्रि)।

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विस्तृत उत्तर

रुद्राक्ष को दूध में भिगोना = शुद्धि/सिद्धि प्रक्रिया का अंग (प्रश्न 617 विस्तार)।

विधान

  1. 1कच्चा (raw) गाय दूध = सर्वोत्तम।
  2. 2भिगोने अवधि — रातभर (8-12 घंटे) या 24 घंटे।
  3. 3फिर — गंगाजल/शुद्ध जल से धोएं।
  4. 4मंत्र — 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार जपकर पहनें।

क्यों दूध: दूध = सात्विक, शुद्ध; रुद्राक्ष की नकारात्मक ऊर्जा (पूर्व धारक/यात्रा) शोषित करता है। पंचामृत = और भी उत्तम।

कब: पहली बार + प्रत्येक सोमवार/शिवरात्रि (नियमित शुद्धि)। या जब ऊर्जा कम लगे।

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शास्त्रीय स्रोत
रुद्राक्ष सिद्धि परंपरा
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