विस्तृत उत्तर
एक मुखी रुद्राक्ष = सबसे दुर्लभ और शक्तिशाली; शिव स्वरूप। बाजार में सबसे अधिक नकली बिकता है।
असली की पहचान (web-verified)
- 1एक स्पष्ट मुखी रेखा — एक प्राकृतिक, गहरी, निरंतर रेखा (cleft) ऊपर से नीचे। कृत्रिम = ऊपरी सतह पर उथली/खींची।
- 2त्रिशूल/नेत्र चिह्न — असली एक मुखी पर त्रिशूल या आंख जैसा प्राकृतिक चिह्न।
- 3पानी परीक्षा — पानी में डालें → डूबे = असली (सामान्यतः)। सावधानी: सीसा/धातु भरा नकली भी डूबता है। यह परीक्षा 100% विश्वसनीय नहीं।
- 4उबालने की परीक्षा — उबलते पानी में कुछ घंटे → रंग न बदले, टूटे नहीं = असली।
- 5खुरचने की परीक्षा — नुकीली वस्तु से खुरचें → रेशे (fibre) निकलें = असली। प्लास्टिक/लकड़ी में नहीं।
- 6सतह — प्राकृतिक रुद्राक्ष की सतह असमान, खुरदरी; दो रुद्राक्ष कभी एक जैसे नहीं। नकली = एकरूप।
- 7प्राकृतिक छेद — असली में प्राकृतिक (irregular) छेद; नकली में drilled (perfect round)।
- 8X-Ray — सबसे विश्वसनीय; आंतरिक compartments दिखाता है। ₹5,000+ के रुद्राक्ष = lab certificate अवश्य।
कीमत: असली एक मुखी = बहुत दुर्लभ; ₹5,000 से ₹5,00,000+ (आकार/गुणवत्ता)। बहुत सस्ता = संदेहजनक।
गोल एक मुखी vs काजू शेप: गोल (round) एक मुखी = अत्यंत दुर्लभ (नेपाली)। काजू/अर्धचंद्र आकार = श्रीलंका/दक्षिण भारत — अधिक सुलभ।
स्पष्टीकरण: विश्वसनीय विक्रेता + lab certificate = सर्वोत्तम। केवल पानी/दूध परीक्षा = अपर्याप्त।





