आधुनिक धर्म प्रश्नमांसाहारी भक्तों की पूजा भगवान स्वीकार करते हैं क्या?गीता(9.30): 'दुराचारी भी अनन्य भक्ति करे=साधु।' भगवान भाव देखते हैं। शाकाहार=उत्तम(सात्विक), पर मांसाहार=पूजा अयोग्य ऐसा कहीं नहीं। पूजा दिन सात्विक रहें। सच्ची भक्ति=सबसे बड़ी शर्त।#मांसाहार#भक्ति#पूजा
धर्म मार्गदर्शनशाकाहार हिंदू धर्म में अनिवार्य है क्या?अनिवार्य नहीं, पर उत्तम+प्रोत्साहित। अहिंसा=शाकाहार। गीता: सात्विक=शाक/फल। पर बंगाल/कश्मीर ब्राह्मण, शाक्त परंपरा=मांस। परंपरा/क्षेत्र पर निर्भर। धीरे-धीरे कम=श्रेष्ठ।#शाकाहार#मांसाहार#अनिवार्य
स्तोत्र पाठ विधि और नियमअर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?अनुष्ठान के दौरान धूम्रपान, मद्यपान, व्यसन और मांसाहार से बचना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन और सात्त्विक मन रखना अनिवार्य है।#नियम निषेध#मद्यपान#मांसाहार
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोगरुद्राक्ष धारण करते समय खान-पान (मांसाहार और मद्यपान) के क्या नियम हैं?सात्त्विक साधकों को मांस-मदिरा के समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए, हालांकि तांत्रिक मत में अलग विचार हैं।#खान-पान नियम#मांसाहार#मद्यपान
आधुनिक धर्म प्रश्नशाकाहार हिंदू धर्म अनिवार्य क्याअनिवार्य नहीं; अनुशंसित। गीता: सात्विक श्रेष्ठ। बंगाली/तमिल=मांसाहारी हिंदू। शाकाहार श्रेष्ठ; जबरदस्ती नहीं।#शाकाहार#अनिवार्य#मांसाहार
रुद्राक्षरुद्राक्ष पहनकर मांसाहार खा सकते हैं या नहींविवादित: कठोर मत=वर्जित (उतारें); उदार मत=अनुमत (रुद्राक्ष जाबालोपनिषद 'कोई प्रतिबंध नहीं')। संतुलन: मांसाहारी पहन सकते; मदिरा=उतारना उचित। शिव कृपा सबके लिए।#रुद्राक्ष#मांसाहार#नियम
दैनिक आचारमंगलवार को मांसाहार खाना चाहिए या नहींमंगलवार मांसाहार वर्जित (लोक परंपरा) — हनुमान जी का दिन, सात्विकता। अन्य: गुरुवार, शनिवार, एकादशी, नवरात्रि। यह कुल परंपरा/आस्था आधारित — वैदिक ग्रंथों में विशिष्ट दिन का निषेध स्पष्ट नहीं।#मंगलवार#मांसाहार#हनुमान
व्रत विधिश्रावण मास में मांसाहार का त्याग क्यों करते हैं?श्रावण मांस त्याग: शिव मास (सात्त्विक), वर्षा=प्रजनन काल (जैवविविधता), आयुर्वेद (अग्नि मंद, गरिष्ठ=रोग), कीटाणु वृद्धि, साधना काल=शुद्ध आहार। चातुर्मास=4 माह त्याग।#श्रावण#मांसाहार#त्याग
देवी उपासनाकाली मां की पूजा करने वाले को मांसाहार छोड़ना जरूरी है या नहींकाली + मांसाहार: अनिवार्य नहीं छोड़ना, परम्परा पर निर्भर। तांत्रिक = मांस भोग मान्य (बंगाल/असम)। दक्षिणाचार = सात्विक, मांस वर्जित। मध्यम: पूजा/व्रत/अनुष्ठान में वर्जित, अन्य समय व्यक्तिगत। सात्विक = साधना अधिक प्रभावी (सर्वमान्य)। भक्ति भाव प्रधान।#काली#मांसाहार#शाकाहार
शिव भक्तिशिव भक्त को मांसाहार छोड़ना जरूरी है या नहीं?अनिवार्य नहीं — किन्तु श्रेष्ठ। व्रत/सावन/अनुष्ठान में मांसाहार पूर्णतः वर्जित। गहन साधना = सात्विक आवश्यक। शिव = सर्वस्वीकार (रावण/कन्नप्प = मांसाहारी भक्त)। भक्ति भाव प्रधान, आहार गौण।#मांसाहार#शाकाहार#नियम