ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
ग्रहण विधि📜 धर्मसिंधु, ज्योतिष ग्रंथ, वेद2 मिनट पठन

ग्रहण के समय कौन से मंत्र जपने चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

ग्रहण मंत्र: गायत्री (सर्वश्रेष्ठ, दोनों ग्रहण), महामृत्युंजय (रक्षा), सूर्य ग्रहण: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः', चन्द्र: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः', राहु-केतु मंत्र, इष्ट मंत्र। जप = करोड़गुना फल।

📖

विस्तृत उत्तर

ग्रहण काल में मंत्र जप सर्वोत्तम कर्म है। इस समय का जप सामान्य समय से लाखों-करोड़ों गुना फल देता है।

ग्रहण काल में जपने योग्य मंत्र

1. गायत्री मंत्र (सर्वश्रेष्ठ): 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।' — सूर्य और चन्द्र दोनों ग्रहण में।

2. महामृत्युंजय मंत्र: 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।' — अकाल मृत्यु से रक्षा, स्वास्थ्य।

3. सूर्य ग्रहण विशेष: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।' — सूर्य बीज मंत्र। 'ॐ आदित्याय नमः।'

4. चन्द्र ग्रहण विशेष: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।' — चन्द्र बीज मंत्र। 'ॐ सोमाय नमः।'

5. राहु-केतु शांति: ग्रहण राहु-केतु के कारण होता है, अतः — 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।' 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः।'

6. विष्णु मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।' — सर्वकालिक शुभ मंत्र।

7. इष्ट देवता मंत्र: अपने इष्ट देवता (शिव, विष्णु, दुर्गा, हनुमान आदि) का मंत्र भी ग्रहण काल में जप सकते हैं।

जप नियम: शुद्ध आसन पर पूर्व/उत्तर दिशा में मुख करके बैठें। माला (तुलसी/रुद्राक्ष) से जप। यथाशक्ति अधिक से अधिक जप करें। ग्रहण के पूरे समय जप जारी रखें।

📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्मसिंधु, ज्योतिष ग्रंथ, वेद
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

ग्रहण मंत्रजपगायत्रीमहामृत्युंजयराहु-केतु

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

ग्रहण के समय कौन से मंत्र जपने चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको ग्रहण विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्मसिंधु, ज्योतिष ग्रंथ, वेद पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।