विस्तृत उत्तर
गायत्री मंत्र ('ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं...') सिद्धि:
संख्या
- ▸24 लाख (24,00,000) = पूर्ण गायत्री सिद्धि (24 अक्षर × 1,00,000)।
- ▸सवा लाख (1,25,000) = एक अनुष्ठान (सामान्य सिद्धि)।
- ▸दैनिक 108 = नियमित उपासना (दीर्घकालिक)।
- ▸1008 दैनिक = गहन उपासना।
विधि
- ▸उपनयन (जनेऊ) संस्कार उत्तम (ब्राह्मण/द्विज)।
- ▸सूर्योदय/संध्या = गायत्री काल।
- ▸कुश आसन, पूर्व मुख।
- ▸सवा लाख अनुष्ठान = 40 दिन + हवन (दशांश)।
विवाद: कुछ परंपरा: गायत्री = केवल द्विज (उपनयन संस्कार)। आधुनिक: सभी को अधिकार।





