विस्तृत उत्तर
हनुमान चालीसा का १०८ बार पाठ करना एक सिद्ध अनुष्ठान के समान है। संख्या १०८ ब्रह्मांडीय पूर्णता और नक्षत्रों के चरणों का प्रतिनिधित्व करती है। गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार, 'जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा'। १०८ बार पाठ करने से बड़े से बड़े असाध्य रोगों, कोर्ट-कचहरी के मामलों और घोर आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है। यह संकल्प लेकर किया जाने वाला पाठ साधक के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं। इसे किसी भी मंगलवार या शनिवार को करना विशेष फलदायी होता है।





