विस्तृत उत्तर
40 दिन (चालीसा = चालीस दिन) = प्रमुख अनुष्ठान अवधि।
विधि
- ▸40 दिन लगातार बिना तोड़े (एक भी दिन न छोड़ें)।
- ▸प्रतिदिन निश्चित समय (सुबह या शाम) + निश्चित संख्या (7/11 बार)।
- ▸ब्रह्मचर्य (40 दिन) + सात्विक भोजन + भूमि शयन (कठिन अनुष्ठान में)।
- ▸मंगलवार से आरंभ।
40 दिन क्यों: 'चालीसा' शब्द ही '40 चौपाई' = 40 दिन = पूर्ण चक्र। 40 दिन = शरीर+मन की आदत बदलने का चक्र (आधुनिक मनोविज्ञान भी)।
सिद्धि लक्षण: मानसिक शांति, भय समाप्त, स्वप्न में हनुमान दर्शन (कुछ भक्तों को), कार्य सिद्धि।
ध्यान: एक दिन भी तोड़ा = पुनः आरंभ। कठिन पर फलदायक।





