विस्तृत उत्तर
कोई निश्चित दिन नहीं — श्रद्धा+नियमितता प्रधान।
प्रचलित अनुष्ठान
- ▸40 दिन लगातार = प्रचलित (चालीसा अनुष्ठान समान)।
- ▸48 दिन (मंडल) = कुछ परंपरा।
- ▸108 दिन = विशेष अनुष्ठान।
- ▸1 वर्ष (नित्य) = जीवन परिवर्तन।
नियम: प्रतिदिन एक ही समय, स्नान बाद, एकाग्रता से। एक दिन भी न तोड़ें।
शुभ दिन आरंभ: एकादशी, गुरुवार, विष्णु जयंती।
भीष्म (महाभारत): *'जो प्रतिदिन भक्ति से विष्णु का नाम लेता है — उसे कुछ भी अप्राप्य नहीं।'* = दिन < भक्ति। रोज़ पढ़ें, मनोकामना स्वतः पूरी।





