विस्तृत उत्तर
काली साधना की सिद्धि का वर्णन महानिर्वाण तंत्र और मंत्र महोदधि में मिलता है:
सिद्धि का अर्थ
तंत्र शास्त्र में 'सिद्धि' का अर्थ है — मंत्र का पूर्ण जागृत हो जाना; साधक को अनुभव होना कि मंत्र कार्य कर रहा है।
पुरश्चरण — सिद्धि की विधि
मंत्र महोदधि के अनुसार प्रत्येक अक्षर के लिए एक लाख जप।
'ॐ क्रीं काल्यै नमः' = 6 अक्षर → 6 लाख जप
6 लाख जप की समय गणना
| प्रतिदिन जप | दिन |
|-------------|-----|
| 1,000 | 600 दिन (20 माह) |
| 2,000 | 300 दिन (10 माह) |
| 5,000 | 120 दिन (4 माह) |
| 10,000 | 60 दिन (2 माह) |
पुरश्चरण के पाँच चरण
- 1जप — 6 लाख
- 2हवन — 60,000 आहुति
- 3तर्पण — 6,000
- 4मार्जन — 600
- 5ब्राह्मण भोजन — 60
सिद्धि के संकेत (शाक्त परंपरा)
- 1जप में गहरी शांति और आनंद का अनुभव
- 2स्वप्न में काली का दर्शन
- 3मंत्र का स्वतः जप होने लगे
- 4साधना स्थल पर सुगंध का अनुभव
- 5मन में असाधारण निर्भयता
सामान्य साधकों के लिए
यदि पूर्ण पुरश्चरण संभव न हो:
- ▸21 दिन नित्य 1008 जप = 21,168 जप — अनुभव होने लगता है
- ▸40 दिन नित्य 1008 = 'चालीसा साधना' — फल स्पष्ट होता है
महत्वपूर्ण
सिद्धि केवल संख्या से नहीं — श्रद्धा, निरंतरता और शुद्ध भाव से आती है। कालिका पुराण: 'श्रद्धया काली सिध्यति, न केवलं जपसंख्यया।'





