विस्तृत उत्तर
माँ कात्यायनी को नारी शक्ति के प्रचंड रूप का प्रतीक माना जाता है।
इनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय, रोगों से मुक्ति और इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के छठे दिन इनकी आराधना करने वाले साधक का मन-बुद्धि शक्तिशाली होती है और उसे भक्तिभाव के साथ वीरत्व भी प्राप्त होता है।
देवी कात्यायनी की कृपा से अनेक योगी अलौकिक शक्तियाँ प्राप्त कर लेते हैं। वे भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाली हैं।
कात्यायनी को दशमहाविद्याओं में भी स्थान मिलता है (काली आदि महाविद्याओं के स्वरूपों में), जो उनकी उच्च शक्तिसंपन्न प्रकृति को दर्शाता है।
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