विस्तृत उत्तर
विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं के लिए कात्यायनी की उपासना का महत्त्व है।
पुराणों में वर्णित है कि श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए वृंदावन की गोपियों ने माँ कात्यायनी की पूजा की थी।
आज भी अविवाहित लड़कियाँ मनचाहे जीवनसाथी के लिए मार्गशीर्ष माह में कात्यायनी व्रत रखती हैं।
वर्तमान में भक्तों का विश्वास है कि माँ कात्यायनी ब्रज भूमि (वृंदावन) में अब भी गोपियों का कल्याण करती हैं और जो कन्या सच्चे मन से उन्हें पुकारती है, उसे योग्य जीवनसाथी का वरदान देती हैं।
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