विस्तृत उत्तर
कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्' वाक्यांश यह सुनिश्चित करता है कि साधक सामान्य नहीं, बल्कि अत्यंत वांछित और उच्च कोटि का जीवनसाथी प्राप्त करने की प्रार्थना कर रहा है।
यह मंत्र उच्चतम भक्ति और आदर्श दांपत्य की नींव पर आधारित है।
इस मंत्र का सार केवल विवाह की याचना नहीं, बल्कि पार्वती और शिव के प्रेम, समर्पण और अर्धांगिनी स्वरूप के समान अटल दांपत्य-सौभाग्य की कामना है।





