विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस के बालकाण्ड में वर्णित माता सीता के गौरी वंदना प्रसंग के अनुसार, स्वयंवर से पूर्व सीता द्वारा यह प्रार्थना मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए की गई थी।
यह प्रार्थना मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए परम प्रमाण मानी जाती है।
इसीलिए यह गौरी वंदना मंत्र शीघ्र विवाह और मनोवांछित जीवनसाथी प्राप्ति की साधना में सर्वोच्च महत्व रखता है।





