विस्तृत उत्तर
गौरी वंदना मंत्र मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए परम प्रमाण मानी जाने वाली प्रार्थना है जो रामचरितमानस के बालकाण्ड में सीता द्वारा स्वयंवर से पूर्व की गई थी।
इस मंत्र का सार केवल विवाह की याचना नहीं, बल्कि पार्वती और शिव के प्रेम, समर्पण और अर्धांगिनी स्वरूप के समान अटल दांपत्य-सौभाग्य की कामना है।
कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्' वाक्यांश यह सुनिश्चित करता है कि साधक अत्यंत वांछित और उच्च कोटि का जीवनसाथी प्राप्त करने की प्रार्थना कर रहा है।





