विस्तृत उत्तर
सात जन्मों का बंधन = विवाह की पवित्रता + गंभीरता।
शास्त्रीय: विवाह = अग्नि साक्षी + सात फेरे + सात वचन = अटूट बंधन। तुलसीदास (रामचरितमानस): *'जनम जनम मुनि तपत गँवाई'* — जन्म-जन्म का संबंध।
सात जन्म कैसे: पुनर्जन्म सिद्धांत — आत्मा अमर। विवाह = दो आत्माओं का कर्मिक बंधन (Karmic bond) — इस जन्म ही नहीं, पूर्व जन्म + भविष्य जन्म = आत्मिक संबंध। '7' = पूर्णता (7 चक्र, 7 समुद्र, 7 ऋषि)।
गहरा अर्थ: 7 जन्म = 'हमेशा के लिए' — यह वचन = विवाह तोड़ना = कठिन बनाना। प्रतिबद्धता इतनी गहरी कि = कठिनाई में भी साथ।
आधुनिक: 7 जन्म = प्रतिबद्धता का प्रतीक — commitment ≠ बंधन, commitment = प्रेम की गहराई।





