विस्तृत उत्तर
शैव दर्शन के अनुसार, 'पाश' वे बंधन हैं जैसे माया, मोह, अज्ञान, कर्म, और संसार के फंदे जो जीव को बांधते हैं।
माया, मोह, अज्ञान और कर्म के वे बंधन जो जीव को बांधकर रखते हैं, 'पाश' कहलाते हैं।
शैव दर्शन के अनुसार, 'पाश' वे बंधन हैं जैसे माया, मोह, अज्ञान, कर्म, और संसार के फंदे जो जीव को बांधते हैं।
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