विस्तृत उत्तर
साधक को पूर्णतः सात्त्विक आहार (शुद्ध भोजन) ग्रहण करना चाहिए। तामसिक भोजन और आचरण पूरी तरह वर्जित है।
साधना काल में केवल शुद्ध सात्त्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
साधक को पूर्णतः सात्त्विक आहार (शुद्ध भोजन) ग्रहण करना चाहिए। तामसिक भोजन और आचरण पूरी तरह वर्जित है।
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