लोकत्रयोदशी श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन कैसे कराएं?सात्त्विक भोजन श्रद्धा से कराएं।#ब्राह्मण भोजन#सात्त्विक भोजन#श्राद्ध
श्राद्ध दर्शनपितरों को क्या चढ़ाने से अधिक तृप्ति होती है?पितरों को मुनियों के योग्य पवित्र हविष्यान्न अर्थात् सात्त्विक अन्न, दूध, घी, कंद-मूल चढ़ाने से अलौकिक प्रसन्नता और तृप्ति प्राप्त होती है। यह पशुबलि या किसी जीव की हत्या से प्राप्त अन्न से कभी नहीं हो सकती। पितरों को तिल, कुशा, गाय का दूध, शहद, जौ और सफेद फूल भी अत्यंत प्रिय हैं।#हविष्यान्न#सात्त्विक भोजन#पितरों की तृप्ति
नियम और निषेधवसंत पंचमी व्रत का पारण कैसे करें?वसंत पंचमी व्रत पारण: अगले दिन (षष्ठी को) सूर्योदय के बाद सात्त्विक भोजन करें और माता को अर्पित किए गए बेर (Jujube) के फल का सेवन करें। व्रत में: फलाहार (फल, कुट्टू)।#व्रत पारण#बेर फल#सूर्योदय
पाशुपत अस्त्र साधनासाधना के दौरान खान-पान कैसा होना चाहिए?साधना काल में केवल शुद्ध सात्त्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।#आहार#सात्त्विक भोजन#शुद्धि