विस्तृत उत्तर
न्यास मंत्र की शक्ति को साधक के शरीर के विभिन्न भागों में स्थापित करके उसे दैवीय कवच प्रदान करने की प्रक्रिया है। यह शरीर को मंत्रमय और अनुष्ठान के योग्य बनाता है।
शरीर के अंगों में मंत्र शक्ति स्थापित कर उसे दैवीय कवच देने की विधि न्यास है।
न्यास मंत्र की शक्ति को साधक के शरीर के विभिन्न भागों में स्थापित करके उसे दैवीय कवच प्रदान करने की प्रक्रिया है। यह शरीर को मंत्रमय और अनुष्ठान के योग्य बनाता है।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको पाशुपत अस्त्र साधना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।