विस्तृत उत्तर
यह अस्त्र की सबसे गूढ़ विशेषता है। संहारक शक्ति के बीच 'संजीवय' (पुनर्जीवन दो) का समावेश यह स्थापित करता है कि इसका अंतिम उद्देश्य विनाश नहीं, बल्कि साधक और धर्म की रक्षा करते हुए उन्हें पुनः शक्ति प्रदान करना है।
यह विनाश के बजाय साधक और धर्म की रक्षा तथा पुनर्जीवन का प्रतीक है।
यह अस्त्र की सबसे गूढ़ विशेषता है। संहारक शक्ति के बीच 'संजीवय' (पुनर्जीवन दो) का समावेश यह स्थापित करता है कि इसका अंतिम उद्देश्य विनाश नहीं, बल्कि साधक और धर्म की रक्षा करते हुए उन्हें पुनः शक्ति प्रदान करना है।
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