विस्तृत उत्तर
दिन के जप में साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। यदि जप रात्रि में किया जा रहा है, तो मुख केवल उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
दिन में पूर्व या उत्तर, और रात्रि में केवल उत्तर दिशा की ओर मुख करना चाहिए।
दिन के जप में साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। यदि जप रात्रि में किया जा रहा है, तो मुख केवल उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
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